अभी-अभी: भाजपा के इस दिग्गज नेता ने की आत्महत्या, वजह हैरान करने वाली !

New Delhi. भाजपा नेता अरुण उपाध्याय ने रविवार की रात महाराष्ट्र के कोल्हापुर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

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लखनऊ विश्वविद्यालय के महामंत्री पद का चुनाव लड़े

बदलापुर थाना क्षेत्र के भीमपुर गांव के निवासी उमाशंकर उपाध्याय के पुत्र अरुण उपाध्याय छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख दिया था। वे 1993 में एबीवीपी पैनल से लखनऊ विश्वविद्यालय के महामंत्री पद का चुनाव लड़े थे लेकिन मामूली वोटों के अन्तर से हार गये।

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2017 विधानसभा चुनाव के पूर्व वे बीजेपी में शामिल हुए

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बसपा का दामन थामा और सक्रिय राजनीति करने लगे। सन 2005 में अरूण ने महराजगंज इलाके से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। इसमें भी सफलता नहीं मिली। 2017 विधानसभा चुनाव के पूर्व वे बीजेपी में शामिल हुए और बदलापुर विधानसभा से दावेदारी भी की।

अवसाद ग्रस्त की स्थिति में रविवार की रात फांसी लगा ली

अरुण कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। इलाज के लिए वे मुंबई के कोल्हापुर जिले मोहल्ला इच्छित करंजी, थाना साहापुर में अपने रिश्तेदार राहुल पाण्डेय के घर पर थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि अवसाद ग्रस्त की स्थिति में उन्होंने रविवार की रात फांसी लगा ली।

अरुण की पत्नी मधुमिता उपाध्याय बीएचयू में संगीत विभाग में असस्टिेंट प्रोफेसर हैं। अरुण उपाध्याय पूर्व सांसद धनन्जय सिंह के नजदीकी रहे। 2009 लोकसभा के चुनाव में ओम प्रकाश दुबे बाबा के मुख्य संचालक की भूमिका में रहे। अरुण के मौत की खबर पर सब हैरान हैं कि उनके जैसा लोकप्रिय व्यक्ति कैसे आत्महत्या कर सकता था। अरुण उपाध्याय के छोटे भाई ने पांच वर्ष पूर्व मिर्जापुर में गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या कर लिया था।

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