केरल में तेज बारिश से बाढ़ की अशंका, 26 की मौत, NDRF और सेना बचाव कार्य में जुटी

तिरुवनंतपुरम। मानसून का पूरे देश में कोहराम जारी है। उत्तर भारत के अलावा दक्षिण भारत में भी बारिश कहर बरपा रही है। इसी के चलते हुए हादसों के कारण केरल में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

राज्य के कई जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 6 टीमें तैनात की गई हैं जो मानवीय सहायता और आपदाग्रस्त लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हैं। कोठमंगलम, कुनाथुनद, अलुवा, परवुर तालुक और कदमक्कुडी में प्रोफेशनल कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को बंद रहेंगे।

जानकारी के अनुसार भारी बारिश के कारण बुधवार रात केरल में कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इनमें 10 लोग तो इडुक्की में मारे गए हैं वहीं वायनाड जिले में 6 लोगों की मौत हुई है।

भूस्खलन के चलते वायनाड जिला पूरी तरह से कट गया है और सरकार ने पुनः सड़क संपर्क स्थापित करने के लिए सेना की मदद मांगी है। वहीं इडुक्की में कई इलाके पानी में डूब गए हैं। इसके अलावा भारी बारिश से बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने इडुक्की डैम के दरवाजे खोल दिए हैं।

बता दें कि ऐसा 26 साल बाद हुआ है जब जलस्तर सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने के बाद इडुक्की डैम के दरवाजे खोले गए हों। इससे पहले 1992 में इस डैम के दरवाजे खोले गए थे।

वहीं गुरुवार सुबह ईडामलयार डैम से छोड़े गए पानी की वजह से पेरियार नदी का जलस्तर एक मीटर और बढ़ गया। हालांकि, जिला कलेक्टर मोहम्मद सफीरुल्ला ने एक बयान जारी कर कहा है कि डैम से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है लेकिन फिलहाल चिंता की बात नहीं है। हमने हालात से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है।

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