माया-अखिलेश की इस आंधी का बिलकुल भी नहीं था अंदाज़ा, नहीं तो…

Lucknow. उत्तर प्रदेश उपचुनाव में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी की हार में सिर्फ औपचारिकताएं ही शेष हैं। दोनों सीटों पर बीजेपी बुरी तरह पिछड़ गई है। फूलपुर में समाजवादी पार्टी के नागेंद्र पटेल और गोरखपुर में प्रवीण निषाद बड़ी बढ़त लिए हुए हैं। पार्टी को हारता देख यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के एक साथ आने से समीकरण इस कदर बदलेंगे इसका अंदाजा नहीं था।

बीजेपी

2019 में सपा, बसपा और कांग्रेस के गठबंधन को…

मौर्या ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि बसपा के वोट सपा प्रत्याशी को इस कदर ट्रांसफर होंगे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से आए चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2019 में सपा, बसपा और कांग्रेस के गठबंधन को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की जाएगी।

वहीं, सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने सपा की जीत में बीएसपी के गठबंधन को बड़ा योगदान बताया है। बता दें कि बीएसपी ने उपचुनाव में अपने किसी प्रत्‍याशी को न उतारते हुए सपा को समर्थन देने की बात पहले ही कह दी थी।

 

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सपा-बसपा गठबंधन ‘मोदी लहर’ को रोकने के…

गोरखपुर और फूलपुर से आए चुनाव परिणामों को 2019 लोकसभा चुनावों के लिहाज से देखा जा रहा है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक सपा-बसपा गठबंधन आगामी लोकसभा चुनावों में ‘मोदी लहर’ को रोकने के लिए सफल साबित हो सकता है।

 

1993 में सपा और बसपा के बीच चुनावी गठबंधन

बता दें कि इसस पहले 1993 में सपा और बसपा के बीच चुनावी गठबंधन हुआ था। 1995 में दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था। मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से गोरखपुर सीट खाली हुई है। वहीं केशव प्रसाद मौर्य के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद फूलपुर लोकसभा सीट खाली हुई थी।

 

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