सपा-बसपा गठबंधन के खिलाफ ओम प्रकाश राजभर को किया आगे, बीजेपी ने बनाई ये रणनीति !

New Delhi. भाजपा नेतृत्व वाले NDA ने SP-BSP की एकजुट ताकत को कुंद करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ओबीसी व एससी आरक्षण में बंटवारे की लाइन खींचे जाने की चर्चाएं तेज हुई हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से भाजपा नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार SP-BSP के आधार वोट बैंक में सेंधमारी कर सकेगी।

ओम प्रकाश राजभर

ओम प्रकाश राजभर ने की इस चर्चा की पहल

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ओबीसी और एससीएसटी आरक्षण में बंटवारे की मांग प्रमुखता से अमित शाह के सामने रखी। श्री राजभर ने उनसे कहा कि 2019 आमचुनाव से पहले प्रदेश में आरक्षण में विभाजन किया जाए।

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ओबीसी और एससीएसटी आरक्षण को तीन-तीन हिस्सों में बांटा जाए। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया को रोका जाए और आरक्षण में विभाजन के बाद उसे बहाल किया जाए। ऐसा होने पर जनता के बीच हम बोल सकेंगे कि हमने आरक्षण का लाभ पात्रों को देने की कोशिश की। श्री राजभर के मुताबिक अमित शाह को आरक्षण में विभाजन का उनका फार्मूला पसंद आया। उन्होंने इस चर्चा पर मंथन की बात कही।

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यूं होंगे तीन-तीन हिस्से

भाजपा प्रदेश अमित शाह के लखनऊ प्रवास के दौरान ओबीसी और एससीएसटी आरक्षण में से तीन हिस्से करने पर मंथन हुआ है। पहला हिस्सा ओबीसी में सर्वाधिक पिछड़ों का होगा। दूसरे हिस्से के आरक्षण में ओबीसी में अति पिछड़ों का होगा। इसी तरह एससीएसटी में स‌र्वाधिक दलित और महादलित को अलग से आरक्षण देने के फार्मूले को तैयार करने की तैयारी है।

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इसकी मांग कर रहे प्रदेश सरकार के मंत्री और सहयोगी दलों के नेताओं ने इसके नफा-नुकसान का गणित समझाया। अपनी बात को मजबूती प्रदान करने के लिए इन नेताओं ने SP-BSP गठजोड़ और उनके आधार वोट का भारी भरकम ग्राफ आगे रखा। कहा कि इस कदम से हम आसानी से इनके आधार वोट बैंक में अपनी पैठ बना सकेंगे।

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